रात यूं दिल में तेरी खोई हुई याद आई
Written by इरफ़ान on Thursday, September 06, 2007यहां जो प्लेयर है उस पर शुरू में आप सुनेंगे फ़ैज़ साहब की आवाज़ में नक्श-ए-फ़रियादी से पांच नज़्में और कुछ इब्तेदाई अशआर-
1.रात यूं दिल में तेरी खोई हुई याद आई
2.फिर कोई आया दिल-ए-ज़ार नहीं कोई नहीं
3.चंद रोज़ और मेरी जान
4.बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे
5.मौज़ू-ए-सुख़न
6.हम लोग
इस पेशकश के आख़ीर में आप नूरजहां से सुनेंगे...मुझसे पहली सी मोहब्बत मेरे महबूब न मांग
ये पाकिस्तान में बनी फ़िल्म क़ैदी (1962) से लिया गया है. इसे देखते हुए सुनने के लिये यहां जाएं.
1 नुक्ताचीनी
| Posted in »
अश'आर,
इरफ़ान,
नक्शे फ़रियादी,
नूरजहां,
नज़्में,
पॉड्कास्ट,
क़ैदी,
फ़ैज़ के साथ
| Posted in »
अश'आर,
इरफ़ान,
नक्शे फ़रियादी,
नूरजहां,
नज़्में,
पॉड्कास्ट,
क़ैदी,
फ़ैज़ के साथ
1 नुक्ताचीनी: Responses to “ रात यूं दिल में तेरी खोई हुई याद आई ”
By pramod ranjan on September 7, 2007 12:21 PM
साधुवाद स्वीकारें रेयाज भाई, फैज की सभी रचनाएं नेट पर उपलब्ध करवा सकें तो यह एक महत्वपूर्ण काम होगा ।